हल्की शीतल सी आई तुम!
कहीं कर तो नहीं रही, बेवफाई तुम?
क्या खास बात है? तेरी आहट में!
जो औरो से खास है,तु ही तो मेरी स्वांस है!
ऐ तेज! यही मेरे लिए प्यारा सा अहसास है!
न करना कभी रुसवा अपनी बदलती अदा से!
जो ऋतू है,उसी का प्रभाव देना!
वरना मेरा वजूद तेरी तरह बदल जायेगा!
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